मैं इत्मिनान से हूँ।

2-जून, दिल्ली बिन मौसम बरसात से जून की गर्मी तो ठंडी पड़ गयी, लेकिन सूरज तो सूरज है, अब भी तेज चमक रहा है। बादल बेचारे, कोशिश करते हैं घटा बनाने की, लेकिन सूरज का गर्म मिज़ाज देख कर, सहम जाते हैं।शाम को जब सूरज दूसरी तरफ़ का रुख़ करेगा, तब गुर्राएँगे ये। दुनिया तो दुनिया, आसमान में... Continue Reading →

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